Friday, 19 May 2017

पारंपरिक लोकवाद्य -उत्तराखंड

राज्य का लोक वाद्य- ढोल
( ढोल को वर्ष 2015 में राज्य का लोक वाद्य घोषित किया गया)

◆उत्तराखंड में प्रचलित जाने वाले लगभग 36 लोक वाद्य को निम्न श्रेणी में वर्गीकृत किया जा सकता है-

1. घन  वाद्य-  लौहपदार्थ अथवा ठोस सतह  से संबंधित  वाद्य यंत्र
विणाई, कांसे की थाली, मजीरा, घाना, घुंघरू कसेरी, चिमटा, करताल आदि।

2.  अवनद्ध वाद्य/ चर्म वाद्य-  चमड़े  से निर्मित वाद्य यंत्र
हुड़का, दमाऊ, ढोल, नगाड़ा, डफली, डमर, डौंर, ढोलकी आदि।

3.सुषिर वाद्य-  वायु  संबंधित
रणसिंहा, नागफनी, मशकबीन, शंख, भौकर/ भकोरा , मुरूली, जोया मुरूली, तुरही।

4. तांत/तार वाद्य-  तार  से संबंधित
सारंगी, दोतारा, इकतारा, गोपी यंत्र/ गोपी इकतारा

1 comment:

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